ध्यान साधना
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ध्यान में नासाग्र दृष्टि का क्या लाभ है?
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संक्षिप्त उत्तर
गीता (6.13): 'नासिकाग्र देखें।' एकाग्रता (दृष्टि→मन), प्राण+श्वास sync, विचार↓। vs भ्रूमध्य: नासाग्र=शांत/grounding, भ्रूमध्य=ऊर्ध्व। शुरुआती=नासाग्र।
नासाग्र दृष्टि = नाक अग्र भाग → दृष्टि: गीता (6। 13): 'संप्रेक्ष्य नासिकाग्रं स्वं दिशश्चानवलोकयन्' — नासिकाग्र देखें, इधर-उधर न देखें।
एकाग्रता: दृष्टि = एक बिंदु → मन = एक बिंदु। 'जहां दृष्टि, वहां मन।
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