ध्यान साधना
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ध्यान में साक्षी भाव क्या होता है?
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संक्षिप्त उत्तर
देखना — भाग नहीं लेना। विचार/भावना/शरीर=देखो→जाने दो। मुंडक: '2 पक्षी — 1 खाता, 1 देखता=आत्मा।' गीता: 'उपद्रष्टा।' ध्यान+दैनिक=सबसे शक्तिशाली।
साक्षी = देखने वाला — भाग लेने वाला नहीं: क्या है: - विचार = आएं → देखें (participate नहीं)। 'ओह, विचार आया' → जाने दें।
- भावना = उठे → देखें। 'क्रोध आया' → देखो → गुजर जाएगा। - शरीर = दर्द/सुख → देखें। 'दर्द है' → देखो → प्रतिक्रिया नहीं।
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