ध्यान अनुभव
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ध्यान में शिव का तीसरा नेत्र दिखने का क्या मतलब है?
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संक्षिप्त उत्तर
शिव कृपा (अज्ञान दहन+ज्ञान), आज्ञा सक्रिय, आत्मज्ञान निकट, वैराग्य (काम दहन)। अत्यंत दुर्लभ+शुभ! 'ॐ नमः शिवाय', अभिषेक, गुरु share। वास्तविक=जीवन परिवर्तन।
शिव त्रिनेत्र दर्शन = अत्यंत शुभ + दुर्लभ: 1। शिव कृपा: शिव = तीसरा नेत्र खोलते = अज्ञान दहन + ज्ञान प्रकाश। दिखना = शिव कृपा।
आज्ञा चक्र: शिव त्रिनेत्र = आज्ञा चक्र प्रतीक → आपका आज्ञा = सक्रिय। ज्ञान: तीसरा नेत्र = ज्ञान नेत्र → 'आत्मज्ञान निकट।
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