दीक्षा से पहले पूजा तीन उद्देश्यों के लिए: (1) साक्षी भाव — गुरु-मंडल और दिव्य शक्तियों को साक्षी बनाना, (2) दिव्य कवच — नकारात्मक शक्तियों से रक्षा, (3) देव-परंपरा से अनुमति और आशीर्वाद।
किसी भी पवित्र कार्य के शुभारंभ से पूर्व ईश्वरीय शक्तियों का आवाहन एक अनिवार्य विधान है।
दीक्षा के पूर्व की जाने वाली पूजा में यह आवाहन कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों की पूर्ति करता है: 1।