दीक्षा की पूजा में अनुमति और आशीर्वाद का क्या महत्व है?
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संक्षिप्त उत्तर
दीक्षा की पूजा में गुरु और शिष्य देव-परंपरा से अनुमति और आशीर्वाद मांगते हैं — यह विनम्रता का प्रतीक है जो सुनिश्चित करता है कि यात्रा ब्रह्मांडीय विधान (धर्म) के अनुरूप है और दैवीय समर्थन प्राप्त होग
पूजा के माध्यम से गुरु और शिष्य संपूर्ण देव-परंपरा से इस कार्य को संपन्न करने की अनुमति और आशीर्वाद मांगते हैं।
यह विनम्रता का प्रतीक है और यह सुनिश्चित करता है कि यह आध्यात्मिक यात्रा ब्रह्मांडीय विधान (धर्म) के अनुरूप है और इसे दैवीय शक्तियों का पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा।