दुर्गा जप: लाल आसन, रुद्राक्ष या कमलगट्टा माला, पूर्व/उत्तर मुख। नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे' — नित्य 108 बार। नवरात्रि में 1008 बार। पुरश्चरण: 9 लाख जप। देवी का ध्यान 'या देवी सर्
दुर्गा मंत्र जप की विधि शाक्त तंत्र परंपरा और मंत्र महोदधि में वर्णित है: प्रमुख दुर्गा मंत्र: 1।
नवार्ण मंत्र (सर्वप्रमुख): > ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे 2। दुर्गा मूल मंत्र: > ॐ दुं दुर्गायै नमः 3।