विस्तृत उत्तर
दुर्गा मंत्र जप की विधि शाक्त तंत्र परंपरा और मंत्र महोदधि में वर्णित है:
प्रमुख दुर्गा मंत्र
- 1नवार्ण मंत्र (सर्वप्रमुख):
> ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे
- 1दुर्गा मूल मंत्र:
> ॐ दुं दुर्गायै नमः
- 1दुर्गा गायत्री:
> ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारी धीमहि। तन्नः दुर्गिः प्रचोदयात्।
- 1दुर्गा अष्टाक्षर मंत्र:
> ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः
जप से पूर्व तैयारी
- 1स्नान
- 2लाल वस्त्र
- 3लाल आसन
- 4पूर्व या उत्तर मुख
- 5देवी का चित्र या मूर्ति सामने
- 6लाल पुष्प, धूप, घी दीप
माला का चयन
- ▸रुद्राक्ष माला — सर्वोत्तम
- ▸कमलगट्टा माला — दुर्गा जप के लिए विशेष
- ▸मूँगा माला — शक्ति साधना में
जप विधि
- 1देवी ध्यान: 'या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता...' ध्यान
- 2गणेश वंदना
- 3आचमन
- 4माला से जप
- 5सुमेरु न लांघें — माला पलटें
जप संख्या
- ▸नित्य: 108 (1 माला)
- ▸नवरात्रि में: 1008 (11 माला)
- ▸पुरश्चरण: 9 लाख (नवार्ण = 9 अक्षर)
जप के बाद
- ▸आरती
- ▸क्षमा प्रार्थना
- ▸प्रसाद ग्रहण
नवरात्रि विशेष
नवरात्रि में प्रतिदिन 1008 नवार्ण मंत्र जप — 9 दिन = 9,072 जप। यह विशेष पुण्यकारी है।





