दुर्गा साधना में ब्रह्ममुहूर्त में लाल आसन पर बैठकर, नवार्ण मंत्र (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे) का 108 बार जप, सप्तशती पाठ और आरती करें। नवरात्रि में 9 दिन व्रत, अखंड दीप और कन्या पूजन विशेष महत
दुर्गा साधना की विधि देवी भागवत पुराण और तंत्र ग्रंथों में विस्तार से वर्णित है: साधना के प्रकार: 1।
सामान्य भक्ति साधना — नित्य पूजन, मंत्र जप, सप्तशती पाठ 2। नवरात्रि साधना — 9 दिन का विशेष अनुष्ठान 3।