दुर्गा सप्तशती पाठ में सर्वप्रथम देवी कवच, अर्गला स्तोत्र, कीलक पाठ और नवार्ण मंत्र जप करें। फिर तीनों चरित्र (13 अध्याय) पढ़ें और अंत में देवी सूक्त व क्षमा प्रार्थना करें। नवरात्रि में 9 दिन में एक
दुर्गा सप्तशती का पाठ मार्कंडेय पुराण के 81वें से 93वें अध्याय का संकलन है। इसे 'चंडी पाठ' और 'देवी महात्म्य' भी कहते हैं।
पाठ की शास्त्रोक्त विधि इस प्रकार है: पूर्व तैयारी: 1। स्नान करके स्वच्छ लाल या पीत वस्त्र धारण करें 2।