सप्तशती आसन: ऊनी (लाल ऊन — सर्वोत्तम) > कुश आसन > रेशमी > कम्बल > लकड़ी पटा। लाल रंग देवी पूजा में शुभ। नंगी भूमि/गन्दा/दूसरे का आसन वर्जित। पूर्व/उत्तर मुख, एक स्थान पर, बीच में न उठें, शुद्ध वस्त्र।
दुर्गा सप्तशती पाठ के लिए आसन का विशेष महत्व है। उत्तम आसन (क्रम में): 1। ऊनी (ऊन का) आसन — सर्वोत्तम। लाल ऊनी कम्बल या चादर।
कुश आसन — कुश (दर्भ) घास से बना। रेशमी आसन — रेशम का कपड़ा। कम्बल — शुद्ध ऊन का। लकड़ी का पटा (बाजोट/चौकी)।