दुर्गा सप्तशती पाठ में नौवें अध्याय का क्या विशेष महत्व है
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संक्षिप्त उत्तर
9वाँ अध्याय = निशुम्भ वध (उत्तम चरित्र)। शत्रुनाश, विघ्न निवारण, अजेयता हेतु विशेष। निशुम्भ = अज्ञान/अहंकार — देवी द्वारा नाश = ज्ञान विजय। षडंग पाठ (6 अध्याय): 1,2,4,9,11,13 — यदि पूर्ण न कर सकें। सम
दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य/चण्डी) के 13 अध्यायों में नौवाँ अध्याय 'उत्तम चरित्र' खण्ड में आता है और इसका विशेष महत्व है।
नौवाँ अध्याय — निशुम्भ वध: 1। विषय: इसमें देवी ने महादैत्य निशुम्भ का वध किया है।