विशेष इच्छा पूर्ति हेतु सप्तशती के हर श्लोक के आगे-पीछे विशिष्ट मंत्र (जैसे नवार्ण मंत्र) जोड़ना संपुट कहलाता है। यह पाठ को अचूक और अत्यंत शक्तिशाली बना देता है।
श्री दुर्गा सप्तशती अपने आप में एक अत्यंत शक्तिशाली ग्रंथ है।
किसी विशेष और शीघ्र मनोकामना की पूर्ति के लिए इसके पाठ को 'संपुटित' करने का विधान है।