दुर्गाष्टमी की पूजा के बाद हवन (अग्नि कार्य) कैसे करें?
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संक्षिप्त उत्तर
आम की लकड़ी, घी, गूगल, तिल और जौ मिलाकर हवन करें। 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे स्वाहा' बोलते हुए आहुति दें और अंत में नारियल और सुपारी अग्नि में डालकर पूर्णाहूति करें।
पूजा की पूर्णता के लिए हवन (अग्नि कार्य) आवश्यक है क्योंकि अग्नि को देवताओं का मुख माना गया है।
हवन सामग्री में आम की लकड़ी, गाय का घी, गूगल, लोबान, अक्षत, तिल और जौ का मिश्रण तैयार करें।