दुर्गाष्टमी पर रक्तबीज और चंड-मुंड वध की कथा क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
दुर्गा सप्तशती के अनुसार, अष्टमी के दिन ही माता ने अपने रौद्र रूप (चामुंडा/कालरात्रि) में चंड-मुंड और 'रक्तबीज' नामक राक्षसों का वध किया था और रक्तबीज का सारा खून पी लिया था।
मार्कंडेय पुराण (दुर्गा सप्तशती) के अनुसार, जब महिषासुर ने देवताओं को स्वर्ग से निकाल दिया, तब महामाया का प्राकट्य हुआ।
युद्ध के दौरान अष्टमी तिथि को देवी ने अपने रौद्र रूप का प्रदर्शन किया।