मंत्र और स्तोत्र
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दुर्गाष्टमी पर 'सिद्ध कुंजिका स्तोत्र' पढ़ने का क्या महत्व है?
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संक्षिप्त उत्तर
रुद्रयामल तंत्र के अनुसार, समय न होने पर केवल 'सिद्ध कुंजिका स्तोत्र' पढ़ लेने से ही पूरी 'दुर्गा सप्तशती' (13 अध्याय) पढ़ने का फल मिल जाता है। यह बहुत ही गुप्त और शक्तिशाली पाठ है।
मासिक दुर्गाष्टमी पर संपूर्ण 'दुर्गा सप्तशती' का पाठ सर्वश्रेष्ठ है। यदि समय का अभाव हो, तो 'सिद्ध कुंजिका स्तोत्र' का पाठ करना चाहिए।
'रुद्रयामल तंत्र' के 'गौरी तंत्र' भाग में भगवान शिव ने पार्वती जी से कहा है कि यह अत्यंत गुप्त और शक्तिशाली स्तोत्र है: "कुंजिकापाठमात्रेण दुर्गापाठफलं लभेत्॥" अर्थात् केवल सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के पा
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