दुर्गाष्टमी पूजा में नर्वाण मंत्र (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं) जपने का क्या विधान है?
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संक्षिप्त उत्तर
दुर्गाष्टमी पर 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' (नर्वाण मंत्र) की कम से कम एक माला (108 बार) जाप करनी चाहिए। इसमें सरस्वती, लक्ष्मी और काली माता के बीज मंत्र शामिल हैं।
बिना मंत्र के पूजा 'शरीर बिना प्राण' के समान है। शक्ति साधना का महामंत्र 'नर्वाण मंत्र' (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे) है।
इसमें 'ऐं' सरस्वती का, 'ह्रीं' लक्ष्मी/भुवनेश्वरी का, और 'क्लीं' काली का बीज मंत्र है।