अकारण परेशान कर रहे शत्रु की बुद्धि को स्तंभित और शांत करने के लिए दक्षिण मुख होकर भगवान शिव के अघोर मंत्र ('ॐ अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो...') का जप करना अत्यंत प्रभावशाली है।
भगवान शिव का अघोर स्वरूप (दक्षिण मुख) अत्यंत भयंकर और पापों तथा शत्रुओं का नाश करने वाला है।
अघोर मंत्र का उपयोग केवल तब किया जाता है जब कोई शत्रु बिना कारण पीड़ा दे रहा हो और उसके कारण जीवन संकट में हो।