चावल वर्जित: पद्म पुराण — पाप पुरुष अन्न/चावल में छिपा। चावल=जल तत्व/तमोगुण (एकादशी=सत्त्व), चन्द्र सम्बद्ध, कफकारक (शुद्धि बाधक)। सभी अन्न वर्जित। विकल्प: कुट्टू, साबूदाना, फल, दूध, समा चावल।
एकादशी व्रत में चावल वर्जित होने का पौराणिक और आयुर्वेदिक आधार: पौराणिक कारण (पद्म पुराण): पद्म पुराण की कथा: एक बार 'पाप पुरुष' (पाप का साकार रूप) ने भागकर अन्न (विशेषतः चावल) में शरण ली।
एकादशी तिथि को चावल खाना = पाप पुरुष को शरीर में आमंत्रित करना। इसलिए एकादशी = चावल (और सभी अन्न) वर्जित।