एकादशी के दिन दातून करना और दिन में सोना क्यों वर्जित है?
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संक्षिप्त उत्तर
पेड़ को नुकसान पहुंचाना मना है, इसलिए लकड़ी की दातून नहीं करनी चाहिए। दिन में सोने से आलस्य आता है और एकादशी के 'रात्रि जागरण' का पुण्य खत्म हो जाता है।
शारीरिक और आचरण संबंधी नियमों के तहत एकादशी के दिन सोना (दिवा-निद्रा) सख्त मना है, क्योंकि इससे रात्रि जागरण का फल नष्ट हो जाता है।
इसके अलावा बाल काटना, नाखून काटना और पेड़ से लकड़ी तोड़कर 'दातुन' करना भी निषिद्ध है।