इस दिन लकड़ी की दातून नहीं करनी चाहिए। कांसे के बर्तन का इस्तेमाल, गुस्सा करना, झूठ बोलना, चुगली करना, दिन में सोना और शारीरिक संबंध बनाना पूरी तरह मना है।
एकादशी के दिन कई शारीरिक और मानसिक आचरणों का कड़ा निषेध है।
मुख की शुद्धि के लिए लकड़ी की 'दातून' करना वर्जित है क्योंकि एकादशी पर वृक्ष को चोट पहुँचाना हिंसा माना गया है (मुंह सिर्फ पानी से साफ करें)।