एकादशी के व्रत में चावल (अक्षत) खाना सबसे बड़ा पाप क्यों माना जाता है?
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संक्षिप्त उत्तर
महर्षि मेधा के शरीर के अंश से चावल और जौ पैदा हुए थे, इसलिए चावल को 'जीव' माना जाता है। साथ ही, एकादशी पर पाप पुरुष अनाज में रहता है, इसलिए चावल खाना पाप है।
शास्त्रों के अनुसार एकादशी पर चावल खाना सबसे बड़ा निषेध है।
इसकी पौराणिक कथा यह है कि जब महर्षि मेधा ने अपना शरीर त्यागा था, तब उनके शरीर का अंश पृथ्वी में समा गया और उसी से 'जौ' और 'चावल' उत्पन्न हुए।