ध्यान अनुभव
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गहरे ध्यान में शरीर सुन्न हो जाने का क्या कारण है?
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संक्षिप्त उत्तर
प्रत्याहार (इंद्रियां अंतर्मुखी), शरीर transcend, प्राण shift। या शारीरिक (बैठना→रक्त↓)। सुखद सुन्न=आध्यात्मिक(शुभ)। असहज=शारीरिक(बदलें)। बाद=धीरे awareness।
शरीर सुन्न = ध्यान गहन — सामान्य: आध्यात्मिक: 1। प्रत्याहार: इंद्रियां = अंतर्मुखी → बाहरी अनुभव (स्पर्श) ↓ → 'सुन्न' = इंद्रिय विश्राम।
शरीर transcend: 'मैं शरीर नहीं' = अनुभव → शरीर 'गायब' = सुन्न। प्राण shift: प्राण = शरीर से → मन/आत्मा → शरीर = कम ऊर्जा = सुन्न।
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