गजासुर को ब्रह्मा से वरदान मिला कि काम में लिप्त कोई स्त्री-पुरुष उसे नहीं मार सकते। इससे वह व्यावहारिक रूप से अवध्य हो गया। केवल काम से परे भगवान शिव ही उसका वध कर सकते थे।
गजासुर को ब्रह्माजी से एक अत्यंत शक्तिशाली वरदान प्राप्त हुआ जिसने उसे लगभग अजेय बना दिया।
शिव पुराण के अनुसार गजासुर ने ब्रह्माजी से यह वरदान माँगा कि — 'हे प्रभो! मुझे यह वरदान दीजिए कि काम (कामवासना) में लिप्त स्त्री-पुरुष मेरा वध नहीं कर सकें।