खांडव वन दहन प्रसंग में अग्निदेव की सहायता पर, वरुणदेव ने गांडीव धनुष और दो अक्षय तरकश अर्जुन को दिए। अग्निदेव ने यह धनुष अर्जुन के लिए वरुण से लाया था।
गांडीव धनुष की उत्पत्ति और अर्जुन को प्राप्ति की कथा महाभारत के आदिपर्व में खांडव दहन प्रसंग से जुड़ी है।
गांडीव का निर्माण — एक कथा के अनुसार इसे ब्रह्माजी ने ऋषि कण्व के शरीर की दिव्य बांस से बनाया था। कालांतर में यह वरुणदेव के पास आया।