गांडीव एक लाख धनुषों के बराबर था, 108 अकाट्य प्रत्यंचाएं थीं, एक साथ कई लक्ष्य भेद सकता था, और जो धारण करे उसमें दिव्य शक्ति आती थी। साथ में अक्षय तरकश था जिसमें बाण कभी खत्म नहीं होते।
गांडीव धनुष की अनेक असाधारण और दिव्य विशेषताएं पुराणों में वर्णित हैं।
शक्ति की दृष्टि से — गांडीव को एक साथ एक लाख धनुषों के बराबर शक्ति वाला माना जाता था। यह किसी भी शस्त्र से नष्ट नहीं हो सकता था।