गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाती है। मूर्ति स्थापना, पंचामृत स्नान, दूर्वा, मोदक, लाल फूल, धूप-दीप, कथा और आरती मुख्य अंग हैं। इस दिन चंद्रमा का दर्शन वर्जित है।
गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। इसे विनायक चतुर्थी भी कहते हैं।
यह भगवान गणेश के प्राकट्य उत्सव का दिन है और देश भर में, विशेषकर महाराष्ट्र में, इसे अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है।