कार्तिकेय और गणेश जन्म
?
लिंग पुराण के अनुसार गणेश का जन्म कैसे हुआ?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
लिंग पुराण: देवताओं ने दैत्यों के यज्ञों में विघ्न के लिए प्रार्थना की → शिव ने स्वयं दिव्य गजमुख स्वरूप प्रकट किया (हाथ में त्रिशूल और पाश) → विघ्नहर्ता और विघ्नकर्ता दोनों उपाधि दी।
लिंग पुराण के अनुसार: देवताओं ने दैत्यों के यज्ञों में विघ्न डालने के लिए शिव से प्रार्थना की।
शिव ने स्वयं एक दिव्य, तेजोमय, गजमुख स्वरूप प्रकट किया, जिसके हाथ में त्रिशूल और पाश था।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG