गणेश आरती पंचमुखी घी के दीप से, दक्षिणावर्त 7 बार घुमाते हुए, शंख-घंटे के साथ करें। 'जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा' या 'सुखकर्ता दुखहर्ता' आरती गाएं। अंत में दीप की लौ आँखों से लगाएं और मोदक/लड्डू का प
गणेश आरती पूजा का सबसे महत्वपूर्ण और भावपूर्ण चरण है। गणेश जी की आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आरती करने की विधि: 1।
आरती सामग्री: - पीतल या तांबे की थाली - 5 बत्तियों का पंचमुखी दीप (या 1 एकमुखी) - घी का दीप - धूप (अगरबत्ती) - शंख और घंटा - आरती की थाली में फूल, अक्षत 2।