गंगा = पापनाशिनी (स्कंद पुराण)। गरुड़ पुराण: गंगाजल आत्मा शुद्ध करता है। मोक्ष सहायक (विष्णु चरण जल)। मुख में तुलसी+गंगाजल बूँदें। गंगाजल न हो = शुद्ध जल+तुलसी। भाव प्रधान।
मरणासन्न व्यक्ति को गंगाजल पिलाना अत्यंत शुभ और पुण्यदायक माना गया है। गंगा = पापनाशिनी: गंगाजल सभी पापों को नष्ट करता है (स्कंद पुराण)।
अंतिम समय में गंगाजल = पापों की शुद्धि। आत्मा शुद्धि: गरुड़ पुराण: *'गंगाजल आत्मा को शुद्ध कर देता है।