13 दिन (तेरहवीं तक)। शुरू: मृत्यु दिन/अगले दिन। कुछ में 10 दिन। आत्मा 3-13 दिन में गति। ब्राह्मण पढ़े, परिजन सुनें। सामान्य समय में भी पठनीय — ज्ञान ग्रंथ।
मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का पाठ 13 दिनों तक (तेरहवीं तक) किया जाता है। समय सीमा: - शुरू: मृत्यु के दिन या अगले दिन से।
- अवधि:13 दिन (दाह संस्कार से तेरहवीं तक)। - कुछ परंपराओं में 10 दिन (दशगात्र तक)।