गौरीशंकर रुद्राक्ष पहनने का क्या लाभ है और कैसे पहनें?
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संक्षिप्त उत्तर
दो प्राकृतिक जुड़े दाने = शिव-पार्वती। लाभ: दाम्पत्य सुख, विवाह योग, शिव-शक्ति संतुलन, हृदय चक्र। सोमवार/शिवरात्रि धारण, गंगाजल शुद्धि, 108 जप, गले में हृदय पास। असली दुर्लभ — नकली से बचें।
गौरीशंकर रुद्राक्ष दो प्राकृतिक रूप से जुड़े रुद्राक्ष का दाना है — यह शिव और पार्वती (गौरी-शंकर) के संयुक्त स्वरूप का प्रतीक है: लाभ: - दाम्पत्य सुख: पति-पत्नी संबंधों में मधुरता और प्रेम।
- विवाह योग: अविवाहितों के लिए शीघ्र विवाह। - शिव-शक्ति संतुलन: शरीर में पुरुष-स्त्री ऊर्जा का संतुलन।