गयासुर नामक असुर की देह पर भगवान विष्णु ने यज्ञ किया था और वरदान दिया कि यहाँ पिंड दान करने से पितरों को सीधे मोक्ष मिलेगा। गरुड़ पुराण सहित अनेक पुराणों में गया को पितृ तीर्थ और मोक्ष स्थली कहा गया ह
गया को पितृ तीर्थ और मोक्ष स्थली कहा जाता है।
इसके पीछे एक प्रमुख पौराणिक कथा है — गयासुर नामक असुर ने ब्रह्माजी की घोर तपस्या करके यह वरदान पाया था कि उसके दर्शन मात्र से लोग पाप मुक्त हो जाएंगे।