वायु पुराण: गया में पिंडदान = पितरों को सीधा मोक्ष। ब्रह्मा वरदान। गरुड़ पुराण: 7 पीढ़ी मोक्ष। विष्णुपद मंदिर + फल्गु नदी। श्रीराम ने भी दशरथ के लिए गया में पिंडदान किया।
गया (बिहार) को पितरों के मोक्ष का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ माना जाता है। वायु पुराण/गया महात्म्य: गयासुर (एक दैत्य) ने कठोर तपस्या की।
उसके शरीर पर भगवान विष्णु ने पैर रखा — वह स्थान विष्णुपद कहलाया। ब्रह्मा जी ने वरदान दिया: 'गया में पिंडदान करने से पितर सीधे मोक्ष पाएंगे।