गायत्री छन्द में तीन पाद और कुल २४ वर्ण होते हैं। यह ऋग्वेद का सर्वाधिक प्रयुक्त छन्द है। इसके उच्चारण से विशेष ध्वनि-तरंगें उत्पन्न होती हैं जो मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाती हैं। गायत्री मन्त्र इसी छन्
गायत्री छन्द वैदिक छन्दों में सर्वश्रेष्ठ और सर्वाधिक प्रचलित है।
इसमें तीन पाद (चरण) होते हैं और प्रत्येक पाद में आठ वर्ण होते हैं — कुल २४ वर्ण।