मंत्र साधना
?
गायत्री मंत्र के साथ ॐ का उच्चारण क्यों
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
ॐ (प्रणव) संपूर्ण ध्वनियों का मूल और निर्गुण परब्रह्म का प्रतीक है। बिना ॐ के वैदिक मंत्र सिर विहीन शरीर के समान निष्फल माने जाते हैं; ॐ मंत्र की ऊर्जा को ब्रह्मांड से जोड़ता है।
'ॐ' (प्रणव) को संपूर्ण ब्रह्मांड की प्रथम और मूल ध्वनि (अनाहत नाद) माना गया है।
शास्त्रों में स्पष्ट नियम है कि किसी भी वैदिक मंत्र की शुरुआत बिना 'ॐ' के नहीं की जा सकती।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG