घनकर्णेश्वर महादेव की पूजा विधि और अभिषेक कैसे करें?
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संक्षिप्त उत्तर
पहले घंटाकर्ण हृद में स्नान — फिर ध्यान, आवाहन, पाद्य-अर्घ्य, गोदुग्ध अभिषेक (रुद्र सूक्त सहित), भस्म-बिल्वपत्र, महा-आरती। विशेष — मौन और नाद-श्रवण पर बल, अधिक बोलना वर्जित।
घनकर्णेश्वर महादेव की पूजा शिव-आगमों के अनुसार षोडशोपचार (१६ उपचारों) से होती है। इसमें नाद-साधना का विशेष पुट है।
पहले — घंटाकर्ण हृद में स्नान या जल-मार्जन अनिवार्य है, बिना इसके दर्शन का विधान नहीं।