तीन साधनाएँ — (१) 'ॐ नमः शिवाय' पंचाक्षरी जप, (२) महामृत्युंजय मंत्र, (३) नाद-अनुसंधान — घंटा बजाकर क्षीण होती गूँज पर ध्यान केंद्रित करना। जप उपांशु या मानसिक हो।
घंटाकर्णेश्वर महादेव के प्रांगण में तीन साधनाओं का विशेष विधान है — पंचाक्षरी मंत्र — रुद्राक्ष की माला पर 'ॐ नमः शिवाय' का जप।
शिव पंचाक्षर स्तोत्र के भावों को मन में रखते हुए। महामृत्युंजय मंत्र — 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।