शाबर पूजन क्रम में 'घण्टा पूजन' और 'दीप पूजन' क्यों किया जाता है?
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संक्षिप्त उत्तर
घण्टा पूजन देवताओं के आगमन और राक्षसों के गमन के लिए, तथा दीप पूजन कर्म की साक्षी के लिए होता है।
शाबर साधना में घण्टा पूजन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देवता का आगमन हो और बाधाएँ (राक्षस) दूर हों—'आगमार्थन्तु देवानां गमनार्थन्तु रक्षसाम्'।
घृतदीप (ज्योति) पूजन में दीपक को कर्मसाक्षी माना जाता है और उससे साधना की समाप्ति तक स्थिर रहने की प्रार्थना की जाती है—'भो दीप देवीरूपस्तवं कर्मसाक्षी हूयविघ्नकृत यावत् कर्म समाप्ति स्यात् तावत् त्वं