काशी के तीर्थ
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घंटाकर्ण हृद (कर्णघंटा तालाब) क्या है और इसमें स्नान का क्या फल है?
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संक्षिप्त उत्तर
घंटाकर्ण हृद शिवगण घंटाकर्ण द्वारा स्वयं खोदा गया पवित्र कुंड है (K 60/67)। स्कंद पुराण कहता है — इसमें स्नान कर एकाग्र होने पर विश्वनाथ की आरती के घंटों का दिव्य नाद सुनाई देता है।
घंटाकर्ण हृद (स्थानीय नाम — कर्णघंटा तालाब) काशी में घंटाकर्णेश्वर महादेव के शिवलिंग के ठीक समीप स्थित पवित्र तीर्थ कुंड है।
स्कंद पुराण काशी खंड (अध्याय ५३-५४) के अनुसार, शिवगण घंटाकर्ण ने शिवलिंग स्थापना के बाद उसके अभिषेक और ध्यान-साधना हेतु स्वयं अपने हाथों से इस कुंड का खनन किया।
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