प्रमुख निषेध — (१) विष्णु या किसी देवता की निंदा सख्त मना, (२) अपशब्द-परनिंदा वर्जित, (३) अधिक बोलना मना — मौन और श्रवण प्रमुख, (४) बिना स्नान/मार्जन दर्शन वर्जित।
घनकर्णेश्वर महादेव मंदिर में कुछ महत्वपूर्ण निषेध हैं — हरि-निंदा पूर्णतः वर्जित — मंदिर में विष्णु या किसी देवता की निंदा करना सबसे बड़ा अपराध है।
घंटाकर्ण स्वयं हरि-द्वेष के कारण पिशाच योनि में रहे — शिव ने कहा मोक्ष केवल विष्णु दे सकते हैं, तभी मुक्ति मिली।