मुख्य द्वार, तुलसी चौरा, मंदिर/पूजाघर, रसोई, घर के कोने, छत, खिड़कियाँ और दक्षिण दिशा में पितरों के लिए — इन सभी स्थानों पर दीये रखें। मिट्टी के दीये और घी-तेल सर्वोत्तम हैं।
दीपावली का पर्व 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' की भावना को साकार करता है।
इस दिन दीयों को सही स्थानों पर रखना न केवल सौंदर्य की दृष्टि से बल्कि वास्तु और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।