शंख को पूजाघर के ईशान कोण में, लाल-पीले वस्त्र पर रखें। बजाने और जल अर्पण के लिए अलग-अलग शंख रखें। दक्षिणावर्ती शंख केवल पूजा के लिए है। शिव पूजा में शंख न बजाएं, न उससे जल चढ़ाएं।
शंख समुद्र मंथन से उत्पन्न हुए चौदह रत्नों में से एक है और भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी को यह अत्यंत प्रिय है।
जिस घर में शंख होता है वहाँ माता लक्ष्मी का वास माना जाता है। घर में शंख रखने और उपयोग के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम हैं।