शुभ तिथि (शुक्ल पक्ष), शुभ नक्षत्र (रोहिणी, पुष्य, श्रवण आदि), शुभ वार (सोम/बुध/गुरु/शुक्र) और शुभ लग्न देखकर मुहूर्त निकालें। योग्य ज्योतिषी से गृहस्वामी की कुंडली अनुसार मुहूर्त निकलवाना सर्वोत्तम ह
घर की नींव (भूमि पूजन/शिलान्यास) रखना एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है जिसके लिए शुभ मुहूर्त का चयन आवश्यक है। शुभ मुहूर्त के मुख्य कारक: 1।
शुभ तिथि — द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) उत्तम हैं।