घटोत्कच के पास राक्षसी मायावी अस्त्र, नाना प्रकार के दिव्य-मानवीय-राक्षसी अस्त्र थे। माता हिडिम्बा से सीखी मायाविद्या उसकी मुख्य शक्ति थी। रात्रि में उसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती थी।
घटोत्कच भीमसेन और राक्षसी हिडिम्बा का पुत्र था। वह आधा मानव और आधा राक्षस होने के कारण दोनों जातियों की शक्तियों का संयोग था।
मायावी अस्त्र — माता हिडिम्बा से घटोत्कच ने राक्षसी मायाविद्या सीखी थी। इसी से वह दिव्य-मानवीय और राक्षसी अस्त्रों का प्रयोग करता था।