गोदान और यममार्ग का सीधा संबंध — गोदानी की गाय वैतरणी पर प्रकट होती है, जीव उसकी पूंछ पकड़कर पार होता है, यमदूत उसे कष्ट नहीं देते। गरुड़ पुराण में 'वैतरणी पार कराने के लिए गाय की प्रतीक्षा' की प्रार्
गरुड़ पुराण में गोदान और यममार्ग का संबंध अत्यंत प्रत्यक्ष और जीवंत रूप में वर्णित है।
वैतरणी पर गाय का प्रकट होना — गरुड़ पुराण में कहा गया है — 'मृत्यु के बाद गाय वैतरणी नदी के तट पर प्रकट होती है।