गोमय में एंटीमाइक्रोबियल गुण हैं जो जीवाणु नष्ट करते हैं। शास्त्रों में इसे पंचगव्य का अंग मानकर भूमि-शुद्धि के लिए सर्वोत्तम बताया गया है। पूजा-स्थल का गोमय लेपन उसे देवताओं के बैठने योग्य पवित्र बना
गोमय (गाय का गोबर) से घर की दीवारों और भूमि का लेपन करना हिन्दू परंपरा का अत्यंत प्राचीन अंग है।