गोमूत्र में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण हैं जो रोगाणुओं को नष्ट करते हैं। शास्त्रों में यह पंचगव्य का अनिवार्य अंग है और सभी प्रकार के दोष-शुद्धि के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
गोमूत्र को शास्त्रों में 'महौषधि' कहा गया है।
पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोमय, गोमूत्र) में यह एक अनिवार्य घटक है और घर-शुद्धि के लिए अत्यंत प्रभावशाली है।