गृहस्थ धर्म
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गृहस्थ त्याग वैराग्य कैसे अपनाएं
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संक्षिप्त उत्तर
घर नहीं, मोह छोड़ना। गीता: कमल पत्ते जैसे। कर्तव्य+attachment कम। दान/ध्यान/सत्संग। जनक/राम=गृहस्थ वैरागी। गृहस्थ वैराग्य=सन्यास से कठिन।
गृहस्थ वैराग्य = घर छोड़ना नहीं; मोह छोड़ना। 10: 'कमल पत्ते पर जल' — संसार में रहो, लिप्त मत हो।
कैसे: कर्तव्य पालन करो (पत्नी/बच्चे/माता-पिता) पर attachment कम करो। 'मेरा' कम बोलो — 'ईश्वर का' ज्यादा। सादा जीवन — अनावश्यक भोग कम।
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