गुग्गुल में शक्तिशाली रोगाणुनाशक यौगिक हैं। इसकी नियमित संध्या-धूनी से पारिवारिक क्लेश दूर होता है, देवताओं का वास होता है और वास्तु-दोष कम होते हैं। शनिवार को नीम और काली सरसों के साथ गुग्गुल-धूनी वि
गुग्गुल (Commiphora wightii) एक आयुर्वेदिक राल है जिसे शास्त्रों में अत्यंत पवित्र और शुद्धिकारक माना गया है।
इसकी धूनी देना वास्तु-दोष निवारण का एक प्रमाणिक उपाय है।