गुप्त नवरात्रि: माघ शुक्ल 1-9 और आषाढ़ शुक्ल 1-9। साधना: दश महाविद्या (काली, तारा, त्रिपुरसुन्दरी...), मंत्र सिद्धि (सवालक्ष जप)। गुरु दीक्षा अनिवार्य। गोपनीय साधना। सामान्य भक्त: दुर्गा सप्तशती, नवार
वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं — दो प्रकट (चैत्र और शारदीय) और दो गुप्त।
गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। गुप्त नवरात्रि का समय: 1।